उत्तर बिहार को मिलेगी बाढ़ से राहत। सप्त कोसी परियोजना पर भारत और नेपाल के बीच बनी सहमति।

उत्तर बिहार का एक बड़ा हिस्सा हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आता है। हर साल हजारों लोगों की फसल से लेकर आशियाने तक उजड़ जाते हैं। हालांकि आने वाले कुछ वर्षों के बाद से राहत मिलने वाली है भारत और नेपाल के बीच सप्तकोशी बांध परियोजना पर सहमति बन गई है। दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने काठमांडू में बैठक की और द्विपक्षीय जल क्षेत्र सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान महाकाली समझौते के क्रियान्वयन तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई।

भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान।

भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन बैठकों में भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय जल सहयोग की समग्र समीक्षा की गई। इस दौरान महाकाली समझौते के क्रियान्वयन, सप्त कोसी-सनकोसी परियोजना तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। अध्ययनों के बाद सप्त कोसी परियोजना पर आगे बढ़ने पर सहमति जताई गई। विशेषज्ञों के एक संयुक्त दल की जल्द बैठक होने की उम्मीद है।

बिहार को बाढ़ से मिलेगी राहत।

बता दें कि सप्त कोसी परियोजना बिहार को बाढ़ की समस्या से निजात दिलाने को दीर्घकालीन उपाय के रूप में नेपाल से निकलने वालीं नदियों पर जलाशय निर्माण को विशेषज्ञों ने आवश्यक माना था। कोसी पर प्रस्तावित जलाशय निर्माण का स्थान नेपाल में है। सप्त कोसी बांध परियोजना के पूरे होने से बिहार के लोगों को बाढ़ की समस्या से राहत मिलेगी। यह बांध नेपाल में बनना है और वहां से बिहार आने वाली नदी के पानी को कंट्रोल किया जा सकेगा।