कभी अपने पिता की हत्या करना चाहते थे बिहार के सुपर कॉप शिवदीप लांडे। किताब के विमोचन पर खुद शेयर किया किस्सा।

शिवदीप लांडे के नाम से भला कौन नहीं परिचित है।उनके सिंघम वाली छवि और अपराधियों के खिलाफ उनकी कड़ी कार्रवाई के कारण उन्हें सुपर कॉप के नाम से जाना जाता है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले किसी तरह के अपराध को वे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते। उनकी इसी छवि के कारण है जनता का भरपूर प्यार मिला। पटना में अपने किताब “वुमन बिहाइंड द लायन” के विमोचन पर उन्होंने बताया कि आज जिस तरह का उनका व्यक्तित्व उसपर किसका असर रहा है।

कभी पिता की हत्या करना चाहते थे शिवदीप लांडे।

वे बताते हैं कि उनके पिता के साथ उनके संबंध अच्छे नहीं थे। वे कहते हैं कि मेरे पिताजी मेरी मां से अक्सर झगड़ा करते थे। गुस्से में मारपीट करते थे और दूसरी चीज नष्ट कर देते थे। तब मुझे ऐसा लगता था कि उनकी हत्या कर दूं। इसलिए लांडे चाहते थे कि अपने पिता की हत्या कर कहीं भाग जाएं। ताकि उनकी मां को कोई परेशान ना करे। लेकिन उनकी मां हमेशा कहती थी, सब ठीक हो जाएगा।

मां की वजह से आज यहां हूं: लांडे।

शिवदीप लांडे कहते हैं कि लोग मुझसे पूछते हैं कि आप महिलाओं के प्रति इतने संवेदनशील क्यों है? मेरा ऐसा व्यक्तित्व मेरी मां पर हो रहे अत्याचार की वजह से हो गया। मैं महिलाओं के खिलाफ अपराध होते नहीं देख सकता। इस पुस्तक में उन्होंने अपनी जीवनी, संघर्षों और इस मुकाम पर पहुंचाने वाले शख्सियत के बारे में लिखा है। कहा कि मेरी मां की मेरे जीवन में अहम भूमिका रही है। मैंने अपनी मां की बात मानी और आज लोगों की सेवा का मौका मिला है।

उन्होंने कहा कि मैं अपनी मां को बहुत कुछ नहीं दे सकता, पर यह पुस्तक मां को समर्पित कर रहा हूं। हर सफल व्यक्तित्व के पीछे किसी का हाथ होता है। मेरे पीछे मेरी मां का हाथ है। यह किताब शिवदीप लांडे के पूरे जीवन का आइना है। छात्र जीवन से लेकर अब तक की कहानी इस किताब में है जो युवाओं को काफी प्रेरणा देगी।