जल्द बरौनी खाद कारखाने का उद्घाटन करेंगे पीएम। फैक्ट्री में ट्रायल हो गया शुरू।

बिहार में बेगूसराय जिले के बरौनी में यूरिया खाद कारखाना का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस का उद्घाटन करेंगे। खाद का निर्माण शुरू होने के बाद अधिकारी काफी खुश दिखाई दे रहे हैं। हालांकि इस बीच, कारखाने से यूरिया का उत्पादन शुरू तो हुआ, लेकिन उसकी गुणवत्ता मानक अनुरूप नहीं के कारण उसका डिस्पैच फिलहाल कैंसिल कर दिया गया है।

गुणवत्ता में आ रही थोड़ी समस्या।

जानकारी के अनुसार टेक्निकल कमी के कारण यूरिया का उत्पादन दोषपूर्ण होने के कारण उक्त फैसला लेने के लिए हर्ल कारखाना को मजबूर होना पड़ा। जानकारी के अनुसार जबतक उत्पादन में मानक के अनुरूप गुणवत्ता नहीं आयेगी तबतक प्रोडक्ट बिक्री के लिए बाहर नहीं भेजा जा सकेगा और तैयार प्रोडक्ट को री-साइकलिंग की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस फैसले के कारण विगत चार दिनों से यूरिया की पहली खेप को
बाजार में बिक्री के लिए नहीं भेजा जा रहा है।

आठ हजार करोड़ से अधिक लागत से हुआ है निर्माण।

बता दें कि 336 एकड़ में बन रहे बरौनी खाद कारखाने का निर्माण 8387 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है। नेचुरल गैस पर आधारित इस कारखाना से प्रत्येक दिन 3850 मैट्रिक टन नीम कोटेड यूरिया (प्रत्येक वर्ष 12.70 लाख एमटी) तथा 22 सौ टन अमोनिया का उत्पादन होगा। जिसमें भूगर्भीय जल की जगह गंगाजल का उपयोग होगा। कारखाना से यूरिया को बिहार सहित अन्य प्रदेशों में रेल मार्ग से भेजने के लिए पूर्व-मध्य रेलवे सोनपुर के गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के लिए अनुबंध किया जा चुका है।

इस दिशा में रेलवे द्वारा कारखाना परिसर में 4.2 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर रेल इंजन व मालगाड़ी द्वारा ट्रैक की टेस्टिंग कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश में वन नेशन वन फर्टिलाइजर स्कीम का उद्घाटन करने के बाद हर्ल कारखाना से उत्पादित खाद अपना यूरिया की बजाय अब भारत ब्रांड के नाम से उसकी बिक्री होगी।