पहली बार 82 बार हुआ रुपया। डॉलर के मुकाबले लुट गई बची – खुची इज्जत। कई सारी चीजें हो जाएंगी महंगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के बाद रुपए की हालत लगातार पतली होती जा रही है। कई महीने पहले ही रुपए ने हंसी का आंकड़ा छू लिया था। लेकिन अब ये और नीचे गिरता जा रहा है। डॉलर के मुकाबले रुपया शुरुआती कारोबार में 16 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 82.33 पर आ गया है। पिछले सत्र में रुपया 81.88 पर बंद हुआ था। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया डॉलर के मुकाबले 82.19 पर खुला, और आगे गिरकर 82.33 पर आ गया।

कभी 60 ₹ होने पर मच जाता था हंगामा।

डॉलर के मुकाबले रुपये ने पहली बार 23 सितंबर 2022 को 81 रुपये का लेवल छुआ था। उससे पहले 20 जुलाई को यह 80 रुपये का लेवल पार कर गया था। बाजार के जानकारों के मुताबिक डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के चलते अन्य दूसरी करेंसीज पर दबाव बढ़ा है। 2013-14 के दौरान जब रुपए की कीमत ₹60 से ₹70 के बीच तक पहुंची थी तो पूरे देश में हंगामा मच गया था। लेकिन कमाल की बात है कि 82 पहुंचने के बाद भी देश की भोली-भाली जनता और मीडिया को कोई फर्क नहीं पड़ता।

ये चीजें हो सकती है महंगी।

बता दें भारत जरूरी इलेक्ट्रिक सामान और मशीनरी समेत कई दवाओं का भारी मात्रा में आयात करता है। अगर रुपये में इसी तरह गिरावट जारी रही तो आयात महंगा हो जाएगा और आपको ज्यादा खर्च करना होगा। इसके अलावा अमेरिका में घूमना-पढ़ना भी महंगा। मान लीजिए कि जब डॉलर के मुकाबले रुपए की वैल्यू 50 थी तब अमेरिका में भारतीय छात्रों को 50 रुपए में 1 डॉलर मिल जाते थे। अब 1 डॉलर के लिए छात्रों को 82 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। इससे फीस से लेकर रहना और खाना और अन्य चीजें महंगी हो जाएंगी।