बिहार और यूपी के बीच इस रेलखंड का होगा दोहरीकरण। खर्च किए जाएंगे 1120 करोड़ रुपए।

देश के अंदर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार सुधार किया जा रहा है। जहां पर विद्युतीकरण नहीं हुआ है वहां पर तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है वही सिंगल लाइन को डबल लाइन में बदला जा रहा है। पूर्व मध्य रेलवे के नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड में विकास की गति तेज हो, इसकी कवायद में रेल महकमा जुट गया है। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत सरकार रेल के क्षेत्र में विकास का खाका खींच रही है। अब वाल्मीकिनगर से गोरखपुर तक रेल दोहरीकरण कार्य पूरा होने की उम्मीद भी बंध गयी है।

दोहरीकरण पर खर्च होंगे 1120 करोड़ रुपए।

बता दें कि वाल्मीकिनगर से लेकर गोरखपुर कैंट के बीच की रेल लाइन के दोहरीकरण पर करीब 1120 करोड़ खर्च किये जाएंगे। रेलवे की ओर से दोहरीकरण को लेकर करीब सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गयी है। इस बाबत हाजीपुर के मुख्य जन संपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने एक प्रेस रिलीज में यह जानकारी देते हुए बताया है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत इस योजना का चयन किया गया है। विदित हो कि मुजफ्फरपुर से वाल्मीकिनगर के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण का काम पहले से ही चल रहा है।

ऐसे में वाल्मीकिनगर व गोरखपुर कैंट के बीच की 95 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण हो जाने पर यह पूरा रेलखंड डबल रेल लाईन में तब्दील हो जाएगा। रेल प्रशासन ने इसी परियोजना के साथ कटिहार व मुकुरिया तथा कटिहार व कुमेदपुर के बीच भी रेल लाइन के दोहरीकरण का निर्णय लिया है।