बिहार के सभी जिलों में बनेगा एनडीआरएफ का सेंटर। किसी भी आपदा में 20 मिनट के अंदर पहुंचेगी सहायता।

बिहार के कई जिले बाढ़ और दूसरी तरह की आपदा से प्रभावित होते रहते हैं। ऐसे में लोगों की सहायता के लिए नेशनल डिजास्टर रिलीफ फोर्स( एनडीआरएफ) का सेंटर सभी जिलों में बनाया जाएगा। बिहार के 38 जिले और 9 प्रमंडल में एनडीआरएफ के 47 सेंटर  के निर्माण के लिए 370 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सेंटर में ट्रेनिंग के साथ अधिकारी और जवानों के रहने की व्यवस्था होगी। साथ ही विभागीय कार्य के लिए कार्यालय बनाया जाएगा।

20 मिनट के अंदर पहुंचेगी सहायता।

एनडीआरएफ के सेंटर के निर्माण से किसी भी हिस्से में अनहोनी की स्थिति में टीम के जवान तीन से 20 मिनट के अंदर मौके पर पहुंच जाएंगे। इसके साथ ही पड़ोसी देश नेपाल को भी समय पर राहत सामग्री मिलेगी। अभी आपात स्थिति में एनडीआरएफ टीम को पहुंचने में 3 से 12 घंटे तक लगते हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री शाहनवाज आलम ने बताया कि 12 महीने के अंदर सभी सेंटर का संचालन होने लगेगा। साथी लोगों को 10 दिन के अंदर राहत सामग्री के साथ मुआवजा भी दिया जाएगा।

10 करोड़ की लागत से बनेगा कार्यालय।

आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। जहां पर नाव, आक्सीजन सिलेंडर, गोताखोर के यंत्र सहित अन्य उपकरण होंगे। एनडीआरएफ के भवन निर्माण के लिए प्रपोजल तैयार हो चुका है। कैबिनेट से स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू होगा। फिलहाल पटना के बिहटा में एनडीआरएफ का मुख्यालय है। जहां से टीम को रवाना किया जाता है। जमीन मिलने पर ट्रेनिंग सेंटर के साथ ही जी प्लस टू एंड थ्री फ्लोर आवास का निर्माण होगा। बड़े शहरों में सेंटर निर्माण में 7-10 करोड़ और छोटे शहरों में 6-8 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।