बिहार के स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी ने दी राहत। अब नहीं आएगा ज्यादा बिल।

बिहार में बिजली सप्लाई व्यवस्था को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के लिए उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने हैं। इसकी शुरुआत शहरी क्षेत्रों से हो चुकी है। हालांकि स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार शिकायत आती रहती है। इससे लोगों का बिल काफी ज्यादा आ रहा है। बिजली कंपनी ने अब इस संबंध में ऐसा होने की वजह बताई है साथ ही उपभोक्ताओं को 6 महीने की राहत दी है।

लोड बढ़ने से बढ़ रहा बिजली बिल।

बिजली कंपनी के आकलन में पता चला कि लोड बढ़ने की वजह से बिजली बिल की राशि पहले की तुलना में काफी बढ़ जा रही है। दरअसल सभी बिजली उपभोक्ताओं ने तय किलोवाट का कनेक्शन लिया हुआ है। कोई दो किलोवाट तथा कोई तीन या चार किलोवाट का कनेक्शन लेता है। जब स्मार्ट प्री पेड मीटर की व्यवस्था नहीं थी तो यह बात नोटिस में नहीं आती थी। वहीं जब स्मार्ट प्री पेड की व्यवस्था शुरू हुई तो यह बिजली की खपत के हिसाब से लोड को जोड़ लेता है। लोड बढ़ने पर दंड शुल्क और प्रति यूनिट दर के बढ़ जाने से उपभोक्ता के बिल की राशि अधिक हो जाती है।

6 महीने तक उपभोक्ताओं को राहत।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बिजली कंपनी द्वारा इस समस्या के समाधान को ले सप्लाई कोड संशोधित किया जा रहा। सप्लाई कोड संशोधित होने के बाद से अगले छह महीने तक लोड बढ़ने पर उपभोक्ताओं से किसी भी तरह का दंड नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ताओं को अपने स्तर से लोड बढ़ने के आंकड़े पर नजर रखना है। इसके बाद उन्हें अपना कनेक्शन लोड बढ़ाए जाने का आवेदन देना है। बिजली कंपनी संबंधित उपभोक्ता के लोड को भी बढ़ा देगी।