बिहार में आज से शुरू हुआ बालू खनन। पुराने ठेकेदारों को ही 3 महीने का एक्सटेंशन। अब बालू होगा सस्ता।

बिहार में आज एक अक्टूबर से बालू खनन दोबारा शुरू हो रहा है। हालांकि बालू घाटों के नए सिरे से ई -टेंडर के माध्यम से नीलामी होनी थी लेकिन फिलहाल पुराने ठेकेदारों को ही 3 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। नए सिरे से घाटों की बंदोबस्ती में काफी लंबा समय लग सकता था ऐसे में प्रदेश में बालू की किल्लत ना हो इसे देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया।

हालांकि इसके पहले उन्हें निर्धारित अवधि के लिए रॉयल्टी की राशि फिर से जमा करनी होगी। खनन शुरू होने से बालू की कीमतों में गिरावट की संभावना है। इसे घर बनवा रहे लोगों को राहत मिलेगी। नए नियम के अनुसार राज्य के 28 जिलों में 900 बालू घाटों की बंदोबस्ती होनी है।

जल्द ही बदल जाएगी बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया।

बता दें कि नई नीति के अनुसार अक्टूबर से नए बालू घाटों की अगले 5 सालों के लिए जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) के आधार पर ई-नीलामी से बंदोबस्ती होगी। डीएसआर में खनन योग्य बालू की मात्रा और स्वामित्व दर को आधार बनाया गया है। ऐसे में बालू की कीमत जिलों में बाजार से तय होगी। आपात स्थिति में बालू की कीमत को जिला प्रशासन नियंत्रित कर सकता है। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सभी जिलों की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार की। इसमें वहां बालू घाट, बालू की खनन योग्य मात्रा आदि की विस्तृत जानकारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सूबे में नए प्रावधान के अनुसार बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है।

हाल ही में सरकार ने तय की थी नई दरें।

बीते 30 अगस्त को कैबिनेट ने रॉयल्टी दर दोगुना करने का निर्णय किया था। प्रदेश की पांच नदियों से ली जाने वाली सरकारी रायल्टी में दोगुनी वृद्धि की गई थी। अभी राज्य की सभी नदियों से रायल्टी के रूप में प्रति घन मीटर 75 रुपये लिए जाते थे। नये सिरे से बंदोबस्ती होने के बाद पांच नदियों सोन, कियूल, फल्गु, चानन और मोरहर नदी के बालू की रॉयल्टी 75 रुपये प्रति घन मीटर से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति घन मीटर हो जाएगी।