बिहार में गंगा नदी पर हो रहा है इन 5 पुलों का निर्माण। बनने के बाद बेहतर होगी कई जिलों की कनेक्टिविटी।

प्रदेश में एक साथ गंगा नदी पर पांच बड़े पुलों का निर्माण चल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि भविष्य में बिहार में गंगा नदी पर 18 पुल होंगे। वर्तमान में गंगा नदी पर कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल, अगवानी घाट-सुल्तानगंज पुल, राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल, बख्तियारपुर-ताजपुर और बक्सर से भोजपुर के बीच पुल बन रहे हैं।

1.) सुल्तानगंज-अगवानी घाट पुल

अभी कुछ महीने पहले इस पुल का एक हिस्सा तेज आंधी की वजह से गिर गया था। हालांकि इसका निर्माण कार्य तेजी से होना था लेकिन गंगा नदी में पानी की वजह से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। सुल्तानगंज पुल का निर्माण दो मई 2015 को करीब 859 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ, इसे एक नवंबर 2019 को बनकर तैयार होना था। इसकी लागत भी बढ़ चुकी है और अब इसका निर्माण मार्च 2023 तक पूरा होने की संभावना है।

2.) कच्ची दरगाह-बिदुपुर

कच्ची दरगाह-बिदुपुर के बीच करीब 5000 करोड़ रुपए की लागत से छह लेन का पुल बन रहा है। 9.76 किमी लंबा यह पुल केबल पर टिका हुआ बिहार का सबसे बड़ा पुल होगा। यह पुल 16 जनवरी 2017 को बनना शुरू हुआ था और इसे 2020 में बनने की समय सीमा तय थी। हालांकि विलंब होने की वजह से इसे 2024 तक बनकर तैयार होने की संभावना है।

3.) सिमरिया रेल-सह-सड़क पुल

इसके अलावा उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पुल परियोजना राजेंद्र सेतु के समानांतर सिमरिया में रेल-सह-सड़क पुल का निर्माण 1491 करोड़ रुपए की लागत से 2016 में शुरू हुआ था। इसे 2019 तक बनने की संभावना थी, लेकिन इसमें विलंब हुआ। इसे 2023 तक तक बनने की संभावना है। इसकी लागत करीब 2500 करोड़ रुपये अनुमानित है।

4.) बख्तियारपुर- ताजपुर पुल

गांधी सेतु पर दबाव को कम करने के लिए
बख्तियारपुर-ताजपुर पुल 5.52 किमी की लंबाई में करीब 1599 करोड़ रुपये की लागत से 30 नवंबर 2011 से बनना शुरू हुआ था। 31 जुलाई 2019 इसका लक्ष्य रखा गया था लेकिन इसके निर्माण कार्य में देरी हो गई है। अब इसे 2024 तक बनने की संभावना है।

5.) बक्सर- भोजपुर फोरलेन पुल

बक्सर से भोजपुर के बीच करीब ढाई किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण 14 मई 2018 में शुरू हुआ था, इसे 2021 में बनकर तैयार होना था लेकिन अब इसमें भी देरी हुई है। इसे 2023 तक बनने की संभावना है। इसकी लागत करीब 900 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़ चुकी है।