भारतीय वायु सेना में शामिल हुआ स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्रचंड। खासियत जानकर आप भी करेंगे गर्व।

भारत लंबे समय तक विदेशों में निर्मित हेलीकॉप्टर का वायु सेना के लिए उपयोग में इस्तेमाल करता रहा है।लेकिन लंबे इंतजार के बाद अब स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) मिल गया है। इसकी कैनन से हर मिनट 750 गोलियां दागी जा सकती हैं। इसकी खासियतों की वजह से ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे प्रचंड नाम दिया है। स्वदेश निर्मित इस हेलीकॉप्टर से भारतीय सेना की ताकत और बढ़ गई है।

रक्षा मंत्री ने भरी उड़ान।

बता दें कि राजस्थान के जोधपुर एयरबेस स्टेशन से राजनाथ सिंह ने प्रचंड (हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर) से उड़ान भी भरी। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दिनों में योद्धाओं की भूमि राजस्थान में एलसीएच को शामिल करने के लिए इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो रक्षा उत्पादन में भारत की क्षमता को दर्शाता है।

प्रचंड हेलीकॉप्टर की खासियत।

लाइट कॉम्बेट हेलिकॉप्टर यानि एलसीएच हेलिकॉप्टर का वजन करीब 6 टन है, जिसके चलते ये बेहद हल्का है जबकि अमेरिका से लिए गए अपाचे हेलिकॉप्टर का वजन करीब 10 टन है।

वजन कम होने के चलते एलसीएच हाई ऑल्टिट्यूड एरिया में भी अपनी मिसाइल और दूसरे हथियारों से लैस होकर टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है।

एलसीएच अटैक हेलिकॉप्टर में फ्रांस से खास तौर से ली गई ‘मिस्ट्रल’ एयर टू एयर यानी हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइल और हवा से जमीन पर मार करने वाले मिसाइल से लैस है।

एलसीएच में 70 एमएम के 12-12 रॉकेट के दो पॉड लगे हुए हैं‌।

इसके अलावा एलसीएच की नोज़ यानि फ्रंट में एक 20एमएम की गन लगी हुई है जो 110 डिग्री में किसी भी दिशा में घूम सकती है।

पायलट के हेलमेट पर ही कॉकपिट के सभी फीचर्स डिसपिले हो जाते हैं।

इसकी कैनन से हर मिनट 750 गोलियां दागी जा सकती हैं।