यमुना एक्सप्रेसवे की तरह बिहार के एनएच पर लगेंगे कैमरे। स्पीड नियंत्रित कर दुर्घटनाओं में की जाएगी कमी।

प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार एक खास तरीका अपनाने जा रही है। यमुना एक्सप्रेस वे की तर्ज पर बिहार के नेशनल हाईवे पर भी स्पीड को पढ़ने वाले कैमरे लगाए जाएंगे। सबसे पहले उन 5 नेशनल हाईवे पर इसे लगाया जाएगा जहां सर्वाधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं। परिवहन विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।

इन सड़कों से होगी शुरुआत।

सबसे अधिक हादसे एनएच 31 पर हो रहे हैं। नवादा, बिहारशरीफ, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, पूर्णिया व किशनगंज से होकर गुजरने वाले इस एनएच पर 644 सड़क दुर्घटनाएं हुई। इसमें 520 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एनएच 28 दूसरे स्थान पर है। बेगूसराय, मुजफ्फरपुर व गोपालगंज से होकर गुजरने वाले इस एनएच पर कुल 515 हादसे हुए जिसमें 443 लोगों की मौत हो गई। एनएच 30 सड़क दुर्घटना के मामले में तीसरे पायदान पर है।

पटना व भोजपुर से होकर गुजरने वाली इस एनएच पर 378 हादसे हुए जिसमें 279 की मौत हो गई। चौथे पायदान पर एनएच 57 है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, अररिया व पूर्णिया से होकर गुजरने वाले इस एनएच पर 376 सड़क हादसे हुए जिसमें से 331 की मौत हो गई। जबकि पांचवें स्थान पर एनएच 2 है। कैमूर, सासाराम व औरंगाबाद से होकर गुजरने वाले इस सड़क पर 356 सड़क हादसे हुए जिसमें से 295 की मौत हो गई।

तय सीमा से ज्यादा चलाने पर होगा खुद ब खुद चालान।

बिहार में जिन पांच एनएच पर अधिक हादसे हो रहे हैं, वहां यमुना एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। इसके तहत हर 10 किलोमीटर पर कैमरा व स्पीड गन लगाए जाएंगे। गति सीमा तय की जाएगी। कैमरा व स्पीड गन से पता चल जाएगा कि चालक कितनी गति से गाड़ी चला रहा है। इस तरह उनपर स्वत जुर्माना लग जाएगा।