यात्रियों का डाटा बेचकर 1000 करोड़ कमाएगा आईआरसीटीसी। कंपनियों को बताएगा आपका ट्रैवलिंग पैटर्न और हिस्ट्री।

देशभर के यात्री रेल यात्रा के लिए आईआरसीटीसी के तहत अपना टिकट बुक करते हैं। ऐसे में आईआरसीटीसी के पास यूजर का निजी डेटा होता है। जानकारी के अनुसार आईआरसीटीसी के पास इसके यूजर्स का 100TB डाटा मौजूद है। कंपनी अब इसे मोनेटाइज करना चाहती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी आपके पर्सनल डेटा को बेचने जा रही है। इसके जरिए कंपनी की 1000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। आईआरसीटीसी ने इसके लिए बाकायदा टेंडर भी जारी कर दिया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि ग्राहकों के डेटा प्राइवेसी का भी ख्याल रखेगी।

बैंक ट्रांजैक्शन डीटेल्स नहीं किया जाएगा शेयर।

बताया जा रहा है कि टेंडर के तहत कोई भी एजेंसी या कंपनी आईआरसीटीसी से यूजर्स डेटा ले सकती हैं। आईआरसीटीसी उनके साथ ट्रैवलिंग पैटर्न, हिस्ट्री और लोकेशन से जुड़ा डेटा ही शेयर करेगी। ऐसा करते समय भी आईटी कानून के तहत यूजर्स की फाइनेंशियल प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक डेटा मोनेटाइजेशन के तहत यूजर्स के बैंक और ट्रांजैक्शन का डेटा शेयर नहीं किया जाएगा।

इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है आपका डाटा।

कोई यूजर्स कितनी बार कहां गया और कितने समय तक रुका, इस तरह के ट्रैवलिंग पैटर्न, हिस्ट्री और लोकेशन से जुड़े डेटा को पाने के लिए होटल इंडस्ट्री, ट्रैवेल एजेंसी और फार्मा कंपनियां अपनी रुचि दिखा सकती हैं। अपने बिजनेस प्रॉस्पेक्टल के लिए ये कंपनियां इन डेटा का उपयोग कर सकती हैं। हालांकि नियमों के मुताबिक यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या अन्य किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन की जानकारी किसी के साथ भी शेयर नहीं की जाएगी।