राज्य के 9 जिलों के भूमिगत जल में पाया गया यूरेनियम। बच्चों और महिलाओं में बीमारी का है कारण।

राज्य के 9 जिलों का भूमिगत जल यूरेनियम से दूषित पाया गया है। सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड( सीजीडब्ल्यूबी) की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के 9 जिले ऐसे हैं जहां के भूमिगत जल में यूरेनियम की मात्रा निर्धारित स्तर से काफी ज्यादा है। अलग-अलग जिलों के नमूनों की जांच में इस बात का पता चला है। अधिकतर जिलों में यूरेनियम की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक 30 पार्ट्स पर बिलियन (पीपीबी) के अंदर है।

इन 9 जिलों में दूषित है पानी।

सीजीडब्लूबी ने राज्य से 634 नमूने लिये थे, जिनमें 11 नमूने में यूरेनियम 30 पीपीबी से अधिक मिले। जिन जिलों में यूरेनियम 30 पीपीबी से अधिक मिले उनमें हैं सारण, भभुआ, खगड़िया, मधेपुरा, नवादा, शेखपुरा, पूर्णिया, किशनगंज और बेगूसराय जिले शामिल हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड के सूत्रों का कहना कि 30 पीपीबी से अधिक यूरेनिम वाले नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गये हैं।

महिलाओं और बच्चों में बीमारी का खतरा।

निर्धारित मात्रा से अधिक यूरेनियम शरीर में जाने से किडनी की बीमारी हो सकती है। वहीं, यूरेनियम वाले पानी के सेवन से थाइराइड कैंसर, रक्त कैंसर, बोन मैरो डिप्रेशन और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इससे बच्चों को भी कैंसर होने का खतरा रहता है।